राहुल गाँधी जबाब दे क्या महिला सशक्तिकरण और महिला अधिकारों की मिसाल शार्टस या छोटे कपडे पहन कर ही पेश की जा सकती है
राहुल गांधी द्वारा आरएसएस पर दिए बयान पर अगर हम आज विश्लेषण करे तो हर सामजिक संस्था का अपना एक ड्रेस कोड या गणवेश होता है जिसे लागु करने या चुनने का अधिकार आरएसएस जैसी हर संस्था के पास सुरक्षित होता है इसी श्रेणी में राहुल जी की पार्टी कांग्रेस भी आती है राहुल जी चाहे तो अपनी पार्टी की महिला कार्यकर्ताओ का ड्रेस कोड व् गणवेश स्वयं तय कर सकते है और स्वतंत्र रूप से यह भी कह सकते है कि उनकी पार्टी अब महिला कार्य कर्ताओ को शार्टस अथवा निक्कड़ में देखना चाहती है इसलिए निवेदन है कि कृपया कर कांग्रेस कि महिला कार्यकर्ता पार्टी के कार्यक्रम के दौरान निक्कड़ में भी दिखाई दे !
इसलिए अच्छा होता कि राहुल जी आप आरएसएस की जगह अपनी माँ से पूछे कि शादी से पहले शार्टस में घूमने वाली उनकी माँ कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद या गांधी परिवार की बहु बनने के बाद शार्टस अथवा निक्कर में क्यों दिखाई नहीं दी …ये कांग्रेस की ही ओछी मानसिकता है जिसने शादी के बाद व् कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद इस महिला शक्ति सोनिया गांधी के पंखो को कुतर लिया जिसके बाद उनको कभी हिन्दुस्तान की आज़ाद हवाओ में विचरण करने लायक भी नहीं छोड़ा !



